Treatment for cancer

मुंबई।लोबिया के पत्तों में लगाने वाला वायरस कैंसर जैसे खतरनाक बीमारी से लडऩे में कारगर हैं। दरअसल, लोबिया वायरस के नैनोपार्टिकल्स (सूक्ष्म कण) रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय और दुरुस्त करने का काम करते हैं।

नेचर नैनोटेक्नोलॉजी पत्रिका में छपी रिपोर्ट के मुताबिक वेस्टर्न रिजर्व विश्वविद्यालय और डार्टमाऊथ विश्वविद्यालय ने सैकडों वर्ष पुराने इन-सिटू टीकाकरण तकनीक से चूहे पर इसका परीक्षण कर पाया कि इससे कैंसर के कोशिकाओं से लडऩे में मदद तो मिलती ही है और साथ ही यह कैंसर के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।

अध्ययन के दौरान चूहे में श्वास के जरिये फेफड़ों के ट्यूमर में और अंडाशय, पेट या स्तन के ट्यूमर में इंजेक्शन के जरिये इस वायरस की बाहरी परत को डाला गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि ऐसा करने से कैंसर की कोशिकायें प्रभावित अंग से आगे नहीं बढती। इस शोध में सबसे अहम जानकारी यह मिली कि इसका कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ता है जो कि आम तौर पर कैंसर के पारंपरिक उपचारों और इम्युनोथेरेपी तरीके से पड़ता है। केस वेस्टर्न रिजर्व स्कूल ऑफ मेडिसिन में बायोमेडिकल इंजीनियङ्क्षरग के विभाग के सहायक प्रोफेसर निकोल स्टेनमिट्ज ने कहा� लोबिया वायरस के नैनोपार्टिकल्स (सूक्ष्म कण) प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय और दुरुस्त करने का काम करते हैं।

डार्टमाउथ के गीसेल स्कूल ऑफ मेडिसिन में सूक्ष्म जीव विज्ञान और इम्यूनोलॉजी के प्रोफेसर स्टीवन फीयङ्क्षरग ने कहा \’\’ इसके कण अश्चर्यजनक रूप से प्रभावशाली हैं। इसे तैयार करना आसान है और उसे शरीर के भीतर पहुंचाने के लिए एंटीजन, दवाओं या अन्य इम्यूनोस्टिमुजेटोरी एजेंटों की जरूरत नहीं है। वे बनाने के लिए आसान कर रहे हैं और उनकी सतह पर या अंदर immunostimulatory 4 एजेंटों ले जाने की जरूरत नहीं है।

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