Stress leading to skin problems

क्या आप जानते है कि मानसिक तनाव यानी साइकोलोजिकल स्ट्रेस से आपकी स्किन प्रॉबलम्स जुड़ी होती है।आपकी परतदार,धब्बें वाली और खुजली वाली स्किन के साथ आपके सिर में भी पैच यानी धब्बें बनना आजकल आम बात हो गई है। कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है और यह इशारा करती है इसकी सही जानकारी रखने की तरफ।

शोध के अनुसार पता चला है कि मानसिक तनाव का संबंध विभिन्न प्रकार की स्किन प्रॉबलम्स का कारण है और इस बीमारी से ज्यादातर कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स ही प्रभावित होते है। टेम्पल यूनिवर्सिटी,फीलेडेल्फिया के शोधकर्ता गिल योसोपोविच के मुताबिक,\’पुराने समय के शोध के अनुसार स्ट्रेस और स्किन प्रॉबलम्स की समस्या सिर्फ छोटे से स्किन सेम्पल्स के आधार पर ही की जाती थी और उसी के मुताबिक स्किन डिजिज का आंकलन किया जाता था।\’

स्ट्रेस भी दो प्रकार के होते है-लो स्ट्रेस और हाई स्ट्रेस। इससे संबंधित जानकारी के लिए कुछ अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स को दो ग्रुप में बांटा गया जिसमें हाई स्ट्रेस वाले स्टूडेंट्स खुजली वाली स्किन,हेयर लॉस,सिर में पैच,अनावश्यक पसीना आना,रूखी त्वचा,नाखून खाना,हाथों पर रेशेज यानी निशान होने जैसी बीमारियों से ग्रसित होते है।

इस प्रकार की समस्याएं दोनों ही कैटेगरी के ग्रुप्स के स्टूडेंट्स में पाई जाती है। इस तरह की समस्याओं को महसूस करने पर डॉक्टर से बात करना बहुत जरूरी हो जाता है क्योंकि ये साइकोलोजिकल स्ट्रेस के कारण आप अपने ही शरीर के साथ खिलवाड़ करते है। ये माना जाता है कि इस प्रकार की स्किन प्रॉबलम्स के उपचार के समय स्ट्रेस के बढऩे से कई बार ट्रीटमेंट लम्बा चलता है लेकिन इस प्रकार के ट्रीटमेंट के विफल होने में इसका सारा दोष सिर्फ स्ट्रेस को देना भी गलत होगा।

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