How To Take care of your feet

मानसून एक ओर जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं इसके साथ ही त्‍वचा और पैरों की कई समस्‍यायें भी चली आती हैं। इन टिप्‍स को आजमाकर आप अपने पैरों को हाइजीन और सुरक्षित रख सकते हैं।

माश्‍चराइजर लगायें

मानसून के दौरान रात को सोने से पहले, पैरों पर मॉश्‍चराइजर जरूर लगायें। मॉश्‍चराइजर में सात से दस फीसदी तक यूरिया और पाराफिन होना चाहिये। इससे आपके पैरों की डेड स्किन हट जाएगी और आपके पैर साफ, स्‍मूथ और एलर्जी से दूर रहेंगे। पैरों की उंगलियों के बीच मॉश्‍चराइजर न लगायें क्‍योंकि यहां कि त्‍वचा में बहुत नमी होती है और इससे फंगल संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है।

 

नाखून छोटे रखें

पैरों के लंबे नाखूनों में गंदगी और बैक्‍टीरिया जमा हो जाते हैं। अपने नाखूनों को हमेशा सीधा काटें और कोने को समान रखें। नाखूनों को गहरा काटने और कोनों को शॉर्प छोड़ देने से नाखून अंदर की ओर बढ़ सकते हैं। नाखूनों को सही आकार में रखकर आप गंदगी और बैक्‍टीरिया को दूर रख सकते हैं।

पैडीक्‍योर करवायें

अपनी रोजमर्रा की भागती-दौड़ती जिंदगी में से कुछ वक्‍त निकालें और नजदीकी पार्लर में जाकर पैडीक्‍योर करवायें। बारिशों के दिनों में पेडीक्‍योर करवाना और जरूरी होता है। इस बात का खयाल रखें कि वहां इस्‍तेमाल होने उपकरण स्‍वच्‍छ हों। अगर पैडीक्‍योर करवाते समय सफाई का ध्‍यान न रखा जाए, तो इससे कई बार संक्रमण का खतरा होता है। अगर आप बाहर जाकर पैडीक्‍योर नहीं करवा सकते, तो आप इसे घर पर ही कर सकते हैं। अपने पैरों को घर पर ही 15 मिनट तक गुनगुने पानी में भिगोकर रखें। और बाद में साफ तौलिये से पोंछ लें। पानी में दो तीन बूंदे एंटीसेप्टिक लिक्विड की डाल लें। डायबिटीज के मरीजों को अपने पैर गर्म पानी में नहीं डालने चाहिये। कई बार संवेदनशीलता की कमी से उन्‍हें पैर चलने की शिकायत भी हो सकती है।

अपने पेरों में कीटाणुओं के पैदा होने से रोकने के लिए आप कई घरेलू उपाय भी आजमा सकते हैं। जब आप बरसात में भीगकर घर आयें तो ये उपाय आजमायें-

नाखून छोटे रखें

पैरों के लंबे नाखूनों में गंदगी और बैक्‍टीरिया जमा हो जाते हैं। अपने नाखूनों को हमेशा सीधा काटें और कोने को समान रखें। नाखूनों को गहरा काटने और कोनों को शॉर्प छोड़ देने से नाखून अंदर की ओर बढ़ सकते हैं। नाखूनों को सही आकार में रखकर आप गंदगी और बैक्‍टीरिया को दूर रख सकते हैं।

पैडीक्‍योर करवायें

अपनी रोजमर्रा की भागती-दौड़ती जिंदगी में से कुछ वक्‍त निकालें और नजदीकी पार्लर में जाकर पैडीक्‍योर करवायें। बारिशों के दिनों में पेडीक्‍योर करवाना और जरूरी होता है। इस बात का खयाल रखें कि वहां इस्‍तेमाल होने उपकरण स्‍वच्‍छ हों। अगर पैडीक्‍योर करवाते समय सफाई का ध्‍यान न रखा जाए, तो इससे कई बार संक्रमण का खतरा होता है। अगर आप बाहर जाकर पैडीक्‍योर नहीं करवा सकते, तो आप इसे घर पर ही कर सकते हैं। अपने पैरों को घर पर ही 15 मिनट तक गुनगुने पानी में भिगोकर रखें। और बाद में साफ तौलिये से पोंछ लें। पानी में दो तीन बूंदे एंटीसेप्टिक लिक्विड की डाल लें। डायबिटीज के मरीजों को अपने पैर गर्म पानी में नहीं डालने चाहिये। कई बार संवेदनशीलता की कमी से उन्‍हें पैर चलने की शिकायत भी हो सकती है।

अपने पेरों में कीटाणुओं के पैदा होने से रोकने के लिए आप कई घरेलू उपाय भी आजमा सकते हैं। जब आप बरसात में भीगकर घर आयें तो ये उपाय आजमायें-

 

references

http://www.onlymyhealth.com/feet-hygiene-in-monsoon-in-hindi-1405944603