Chest Pain Symptoms, Cause and Treatment

Symptoms

 

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Causes

एनजाइना (Angina) : हृदय (Heart) के कारण जब सीने में दर्द होता है तब चिकित्सा शास्त्र के अनुसार इसको एनजाइना कहते हैं। एनजाइना से ग्रस्त रोगी को सीने में दर्द कुछ ही देर तक होता है या परिस्थिति बिगड़ जाने पर दर्द की अवधि बढ़ जाती है। साधारणतः यह दर्द कंधे, बाँह, पीठ, पेट के ऊपरी भाग में होता है। एनजाइना में धमनियों के सिकुड़ जाने के कारण रक्त का हृदय में आवागमन बाधित हो जाता है। जब धमनियों में रक्त का थक्का जमने लगता है तब साँस लेने में मुश्किल होने लगती है और सीने में दर्द शुरू हो जाता है। अगर परिस्थिति को संभाला नहीं गया तो मृत्यु तक हो सकती है। एनजाइना का दर्द साधारणतः आनुवंशिकता के कारण, मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रॉल, पहले से हृदय संबंधित रोग से ग्रस्त होने के कारण होता है।उच्च रक्तचाप: जो धमनियाँ रक्त को फेफड़ों तक ले जाती है उसमें जब रक्त का चाप बढ़ जाता है तब सीने में दर्द होता है और इस अवस्था को उच्च रक्तचाप (Pulmonary Hypertension) कहते हैं।एसिडिटी (Acidity): यह साधारणत गैस्ट्रो इसोफेगल रिफ्ल्क्स डिज़ीज़ (गर्ड) (भाटा रोग) के कारण होता है।फेफड़ों में रोग (Lung Disease) : जब रक्त धमनियों में थक्का जमने लगता है तब फेफड़ों के टिशु या ऊतकों में रक्त का प्रवाह रुकने लगता है, ऐसा होने से बेचैनी होने लगती है और साँस लेने में मुश्किल होता है, जो बाद में दर्द का कारण बनता है।डर के कारण (Fear Psycosis): कभी-कभी दिल में दर्द अत्यधिक डर, अचानक कोई सदमा, दिल की धड़कन के बढ़ने, अत्यधिक पसीना और साँस में तकलीफ के कारण भी होता है।तनाव: तनाव के कारण दिल की धड़कन तेज हो जाती है, साँस लेने में तकलीफ होने लगती है और रक्त चाप बढ़ जाने के कारण भी हृदय में रक्त संचार की गति को नुकसान पहुँचता है, इन सब कारणों से भी सीने में दर्द होता है।
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छाती दर्द के घरेलू इलाज (Home Remedies for Chest Pain)

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लहसुन (Garlic)

लहसुन को वंडर मेडिसीन कहा गया है जो हर तरह की बिमारियों में रामबाण का काम करता है। सेहत के लिए तो रामबाण है ही हार्ट के लिए तो सबसे ज्यादा लाभकारी है। लहसुन में कई तरह के विटामिन, मिनरल्स-कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, थियामिन, राइबोफ्लाविन, नियासिन और विटामिन सी का खजाना है। इसके अलावा इसमें सल्फर, आयोडीन और क्लोरीन की मात्रा भी पाई जाती है।

लहसुन के एक या दो कली अगर आप रोज सुबह खाली पेट खा रहे हैं तो यह न सिर्फ आपके कोलेस्ट्रोल को कम करेगा बल्कि हृदय की धमनी के दीवार पर फैट की परत को बनने से भी रोकेगा। नतीजा आपके हार्ट में ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह सुचारू रहेगा। अगर छाती में दर्द की शिकायत गैस से भी है तो यह काफी कारगर होती है। लहसून का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है। कच्चा लहसून खाना ज्यादा असरदार होता है।

अदरक (Ginger)

अदरक के कई औषधीय गुण हैं। अगर आपको गैस या एसीडिटी से हार्टबर्न हो रहा है, छाती में दर्द हो रहा हो तो अदऱक की चाय आजमा सकते हैं। यह छाती के दर्द के साथ , कफ, खांसी समेत कई बिमारियों के इलाज में काम आता है।

हल्दी (Turmeric)

हल्दी में दर्द निवारक गुण होते हैं। एंटी इंफ्लामेट्री दवा के रुप में इसे आयुर्वेद और चाइनीज मेडिसीन में भी इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी में पाए जाने वाले खास कंपाउड Curcumin में दर्द को चूसने वाले गुण होते हैं। यह दिल की सेहत के लिए भी गुणकारी है। हल्दी को सबसे ज्यादा लोग गर्म दूध में डालकर पीते हैं। दर्द वाले स्थान पर हल्दी का लेप भी लगाया जाता है।

तुलसी (Holy Basil)

तुलसी में सिर्फ एंटी बैक्टीरियल गुण ही नहीं बल्कि एंटी इंफ्लामेट्री गुण भी होते हैं। इसके अलावा तुलसी में ऐसे कई कंपाउड पाए जाते हैं जो दिल के सेहत के लिए भी गुणकारी है। तुलसी में Eugenol पाया जाता है जो दिल के सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। तुलसी के पत्ते लोग चबा कर खाते हैं और कई लोग चाय और काढ़ा बना कर पीते हैं। अगर छाती में दर्द है तो तुलसी-अदरक का काढ़ा बना कर उसमें शहद की बूंदे डाल कर पी लीजिए काफी फायदा करेगा।

Source : http://health.raftaar.in/disease/chest-pain_homeremedies